PUC certificate क्या है? PUC certificate कैसे बनता है? जाने पूरी जानकारी

PUC क्या है, PUC फुल फॉर्म क्या है ? और यह किस प्रकार की चीज है , हम आपको आज यही बताने वाले हैं.

PUC क्या है ?:- 

PUC का फुल फॉर्म 'Pollution under control' है जिसका अर्थ " नियंत्रण के तहत प्रदूषण " होता है , यह एक प्रकार का सर्टिफिकेट है, जो दो पहिया चार पहिया और सभी प्रकार के वाहनों के Commercial wheelers के लिए जरूरी होता है।

PUC certificate कैसे बनता है? :-

PUC certificate किसी भी पेट्रोल पंप से Available हो सकता है. सभी वाहनों के लिए यह सर्टिफिकेट वेरीफाइड होता है. यह PUC सर्टिफिकेट तब बनवाना चाहिए, जब आपकी गाड़ी में pollution से Related problems होने लगे।
हर राज्य में लगभग सभी पेट्रोल पंप पर PUC का सेंटर है। जहां से PUC के सर्टिफिकेट बन सकते हैं. यह PUC सर्टिफिकेट चाहे कोई भी राज्य में बने हो, इसे दूसरे राज्य में भी मान्य किया जाता है।


PUC certificate के लिए वाहनों की जांच :-

PUC certificate की जांच के लिए pollution check center पर computer से attached एक Gas एनालाइज होता है। किस गैस एनालाइजर को गाड़ी के साइलेंसर में डालते हैं और गाड़ी और रहती है।
यही गैस एनालाइजर गाड़ी से निकलने वाले Pollution की जांच करता है, अगर गाड़ी प्रदूषण कर रही है तो सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है. पेट्रोल और डीजल दोनों वाहनों में pollution checker करने की process थोड़ी अलग-अलग होती है ।
यह सर्टिफिकेट सभी ON Road वाहनों के लिए अनिवार्य है. जिसमें पेट्रोल वाहनों के लिए उत्सर्जन परीक्षण, जबकि डीजल वाहनों के लिए द्वारा धुआ परीक्षण बिल्कुल निःशुल्क किया जाता है।

PUC Certificate validity:- 

इस सर्टिफिकेट की वैधता 3 से 6 महीने तक होती है , यह किसी भी राज्य के परिवहन विभाग द्वारा बनाया जा सकता है।

PUC certificate क्यों बनाया जाता है :-

PUC Certificate बनाने का उद्देश्य, वायु प्रदूषण की रोकथाम व पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से PUC सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिए गए हैं।जिसमें वायु में कम से कम प्रदूषण हो, और पर्यावरण को संतुलन बना रहे। यही इस PUC का उद्देश्य है। इस सर्टिफिकेट से यहां पता लगाया जा सकता है, कि कोई वहन ज्यादा प्रदूषण तो नहीं कर रहा है।


अधिक प्रदूषण करने वाले वाहन, PUC के माध्यम से क्या करें :-

  1. जो वाहन ज्यादा प्रदूषण फैला रहे हैं,
  2. उस वाहन को उसके इंजन ऑयल ब्रेक आदि को चेक करना।
  3. उनके oil और आदि चीजों को समय-समय पर बदलते रहना चाहिए।
  4. बैटरी चेक करना।
  5. उसकी सर्विस के बाद उसे 200 से 250 किलोमीटर तक चलाना भी जरूरी होता है।
  6. इसके बाद उसका PUC सर्टिफिकेट के लिए प्रक्रिया हो सकती है ।
  7. यदि वाहन ज्यादा प्रदूषण फैलाने के बावजूद भी वाहन मालिक को PUC सर्टिफिकेट जारी करवाना है, तो यह PUC सर्टिफिकेट जारी करवा सकता है, लेकिन यहां केवल 24 घंटे के लिए ही मान्य होगा. इसके बाद वाहन मालिक को वाहन की सर्विसिंग कराना जरूरी होगा ।


PUC Certificate बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें :-

  1. PUC सर्टिफिकेट बनाते समय वाहन की RC या पिछला PUC सर्टिफिकेट जरूर रखें. 
  2. आप PUC सर्टिफिकेट बनाने जा रहे हैं तो मोबाइल नंबर जरूरी रखें क्योंकि उस मोबाइल नंबर पर OTP आता है तभी आप का सर्टिफिकेट जारी होगा ।
  3. जिस दिन भी PUC सर्टिफिकेट की Validity खत्म हो रही है। उसी दिन तक नया सर्टिफिकेट बना ले क्योंकि लेट होने पर आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है।


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