Betul जिले का इतिहास(म.प्र.) | history of Betul Madhya pradesh

Betul जिले  का इतिहास(म.प्र.) :


(Betul jile ka itihas) : बैतूल मध्यप्रदेश का एक जिला है। Betul जिला भारत के राज्यों में एकदम मध्य में स्थित है | Betul जिला मध्यप्रदेश के दक्षिण दिशा में स्थित है | जो महाराष्ट्र की सीमा से मिलता है। Betul के उत्तर में होशंगाबाद ,दक्षिण में महाराष्ट्र ,पश्चिम में खंडवा और पूर्व में छिंदवाड़ा जिला है। 


Betul जिला 
ही एक ऐसा पहला जिला है, जहा 1 मार्च को कवि दिवस के रूप में मनाया जाता था। Betul  जिले में गन्ने का उत्पादन अधिक मात्रा में होता है।गेहू की फसल  जिला बैतूल के हर ब्लॉक में बोया जाता है। बैतूल जिले  के अंदर 17 पुलिस थाने आते है।  betul जिले में 4 उपमंडल और 10 ब्लॉक है।  betul जिले का पिनकोड 460001 है। बैतूल को ग्रीन सिटी के नाम से भी जाना जाता है। 2011 की जनगणना के अनुसार बैतूल  वास्तविक जन संख्या 1,575,247 है।


Betul जिले की प्रमुख नदिया :-

बैतूल जिले की प्रमुख नदिया ताप्ती ,तवा , माचना ,पूर्णा ,बेल , वर्धा , मोरंड आदि है।

ताप्ती एक झलक 
                                चित्र:Tapti.jpg - विकिपीडिया

 ताप्ती नदी
प्रमुख नदियो में से एक  है। जो पुराणों के अनुसार सूर्य पुत्री कहलाती  है।  इसका उद्गम स्थल मुलताई के तालाब को माना जाता है। इसकी प्रधान उपनदी का नाम पूर्णा नदी  है। इस नदी को भी सूर्यपुत्री कहा  जाता है। ताप्ती का विवाह संवरण राजा के साथ हुआ था।  जो की वरुण देवता  है।  ताप्ती में अलग अलग कुंड अलग अलग नामो से बने हुए है जिसकी बहुत सारी कहानिया प्रचलित  है।

ताप्ती के प्रमुख कुंड 

1). सूर्यकुंड  :-यहां भगवान् सूर्य ने स्नान किया था।

2). ताप्ती कुंड :-- भगवान् सूर्य के कोप अधिक बढ़ने के कारण मानव , वन ,जीव -जंतु की प्रार्थना करने पर ताप्ती माता की पसीने की 3 बून्द आकाश धरती और पाताल पहुंची उसमे से जो बून्द धरती के एक कुंड में गिरी और बहते हुए नदी का रूप ले लिया।

3). धर्म कुंड :--यहा  धर्मराज अर्थात यमराज ने स्वयं स्न्नान किया था इसलिए इसका नाम धर्मराज कुंड पड़ा।

4). पाप कुंड :--जो भी इस कुंड में माँ ताप्ती का ध्यान सच्चे मन से करते है उसके सारे पाप धूल जाते है।

5). नारद कुंड :--इस कुंड में देव ऋषि नारद जी ने कोढ़ रूप से मुक्ति पाई थी। इसलिए इस कुंड का नाम नारद कुंड पड़ा।

6). शनि कुण्ड :--शनि देव अपनी बहन ताप्ती के घर जाने से पहले इस कुंड में स्न्नान किया था इसलिए इस कुंड का नाम शनि कुंड पड़ा।

7).  नागा बाबा कुंड :--यह नागा बाबा के सम्प्रदायों का कुंड है जिन्होंने इस कुंड के तट पर कठोर तपस्या करके शिव जी को प्रसन्न किया था।

बैतूल के किले :-

इतिहास के अनुसार बैतूल गोंडो के राज्य का केंद्र है।बैतूल जिले  में  खेड़ला किला ,भवरगढ़ ,सांवली गढ़ ,शेरगढ़ और असीरगढ़ किले आते है। ये 500 साल से ज्यादा पुराने किलो में आते है।  जो यह बताते है की बैतूल गोंड राजाओ का केंद्र था।

खेड़ला किला का इतिहास :-

खेड़ला किला बैतूल -आमला मार्ग से लगा हुआ है। इस किले का निर्माण राजा इल द्वारा किया गया। खेडला किला में 1365 में राजा हरदेव ,1398 में राजा हरदेव थे। मुग़ल साम्राज्य राधोजी जी भोसले के अधिकार में चला गया। उसने अपनी राजधानी को खेड़ला बनाया। सीताबाड़ी की लड़ाई में अंग्रेजो ने भोसले से किला छीन लिया।

बैतूल के दर्शनीय स्थल :-

बैतूल के प्रमुख दर्शनीय स्थल बालाजी पुरम ,सोनाघाटी ,कुकरू खामला , मुक्तागिरी ,शेरगढ़ का किला ,प्रभात पट्टन ,  नागझिरी ,गुपतवाड़ा , केरपानी का हनुमान मंदिर ,आदि दर्शनीय स्थल है।



बालाजीपुरम (Betul) एक झलक:-

बैतूल ज़िला - विकिपीडिया

बैतूल जिले के सतपुड़ा की वादियो के बीच बालाजीपुरम का भव्य मंदिर है , जो अत्यंत ही प्राचीन है ,बालाजीपुरम को भारत के पाचवे धाम के रूप में माना जाता है। इस मंदिर की सुंदरता देखते ही बनती है। इस मंदिर की स्थापना पेशे से वैज्ञानिक सेम वर्मा ने अकेले ही इस सुंदर मंदिर को धरती पर उकेरा है। सेम जी का परिवार शुरू से ही शिव भक्त रहा है। वे जब बालाजी के दर्शन  करने तिरुपति गए तब उन्हें लगा की ऐसा ही मंदिर क्यो न बैतूल में भी बनाया जाये। तब कई सालो में ये मंदिर बनकर तैयार हुआ।

बालाजीपुरम का मंदिर 10  एकड़ जमीन में फैला हुआ है। ये बैतूल से ६ किलो मीटर दूर स्थित है। इसमें मुख्य रूप से रुख्मणि ,बालाजी और महादेव मंदिर के साथ ही और 40 से ज्यादा भगवान् जी की प्रतिमाये स्थापित है।  कई ऋषयो को ये जगह इतनी अच्छी लगी की उन्होंने कई वर्षो तक यह तपस्या भी की आज बालाजी पुरम देश विदेशो में भी लोकप्रिय हो रहा है।

बालाजी पुरम में बहुत सारे हिन्दू धर्म के बहुत सारे त्योहारों को मनाया जाता है , नए वर्ष पे बालाजीपुरम में 3 दिन का मेला लगता है तथा अनुष्ठान पूजा पाठ होती है। होलिका दहन मनाया जाता है,रामनवमी ,जन्माष्टमी ,गणेशोत्सव ,नवरात्री,शरद पूर्णिमा ,करवा चौथ  ,दीपावली आदि त्यौहार बड़े ही हर्षोल्लास से मनाये जाते है।


बैतूल जिले के प्रसिद्ध विश्वविद्यालय :-

बैतूल में जयवंती हॉकसर शासकीय स्नात्कोत्तर महाविद्यालय बैतूल जिले JH कॉलेज के नाम से जाना जाता है।  Dr भीमराव अम्बेडकर महाविद्यालय बैतूल, लॉ कॉलेज बैतूल , गवर्मेंट पॉलीटेक्निक कॉलेज बैतूल , विवेकानंद विज्ञानं कॉलेज बैतूल और बहुत सारे विश्वविद्यालय है। यह के विश्वविद्यालयो में पड़ाई के साथ साथ अन्य खेल - कूद , नाटक व् अन्य गतिविधयों पर भी ध्यान दिया जाता है। जिससे छात्रों का मनोबल बढ़ता है।



बैतूल का स्वास्थय विभाग :-

जिला स्तर पर बैतूल में चिकित्सा व् स्वास्थय सम्बन्धी गतिविधियों की निगरानी  के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वाथय विभाग उत्तरदायी होते है।जिसमे ये चिकित्सा विभाग नागरिको को चिकित्सा सम्बन्धी सुविधाएं उपलब्ध करता है उचित सलाह व् बिमारिओ को ख़त्म करने में मदद करता है तथा एक्सीडेंट या एमर्जेन्सी जैसे प्रसव के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध करवाता है।

स्वास्थय विभाग की योजनाए :-

जननी सुरक्षा योजना :

यह योजना राष्ट्रीय ग्रामीण योजना के अंतर्गत माताओ की सुरक्षा हेतु है। इसमें गर्भवती महिलाओ के बिच संस्थागत प्रसव को बढ़वा देना है।

जननी सुरक्षा कार्यक्रम :

इस योजना से उन गर्भवती महिलाओ को लाभ होता है जो सरकारी सुविधाओं का उपयोग करती है।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य विभाग :

इस योजना के तहत बच्चो की मृत्यु दर को कम करने का प्रयास किया जाता है।

बैतूल जिले का मानचित्र :


File:Map of Multai.gif - Wikipedia



देश में बैतूल जिले की स्थिति 

File:Madhya Pradesh district location map Betul.svg - Wikimedia ...


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